जय संतोषी माता || मैया जय संतोषी माता || Jai Santoshi Mata || Mata Aarti || Mata Mata Naw Aarti

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  • čas přidán 24. 04. 2024
  • जय संतोषी माता || मैया जय संतोषी माता || Jai Santoshi Mata || Mata Aarti || Mata Mata Naw Aarti
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
    अपने सेवक जन को, सुख संपत्ति दाता।।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    सुंदर, चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो।
    हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो।।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे।
    मंद हंसत करूणामयी, त्रिभुवन जन मोहे।।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता ..
    स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरे प्यारे।
    धूप, दीप, मधुमेवा, भोग धरें न्यारे।।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    गुड़ अरु चना परमप्रिय, तामे संतोष कियो।
    संतोषी कहलाई, भक्तन वैभव दियो।।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    जय शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही।
    भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    मंदिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई।
    विनय करें हम बालक, चरनन सिर नाई।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै।
    जो मन बसे हमारे, इच्छा फल दीजै।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    दुखी, दरिद्री ,रोगी , संकटमुक्त किए।
    बहु धनधान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिए।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    ध्यान धर्यो जिस जन ने, मनवांछित फल पायो।
    पूजा कथा श्रवण कर, घर आनंद आयो।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    शरण गहे की लज्जा, राखियो जगदंबे।
    संकट तू ही निवारे, दयामयी अंबे।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    संतोषी मां की आरती, जो कोई नर गावे।
    ॠद्धिसिद्धि सुख संपत्ति, जी भरकर पावे।
    जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
    Jai Santoshi Mata
    Maiya Jai Santoshi Mata
    Apne sevak jan ki sukh sampati data
    Jai Santoshi Mata
    Sundar veer sunahari
    Ma dharan kinho
    Heera panna damake, tan shringar linho
    Jai Santoshi Mata
    Geru laal chhata chhavi
    Bbadan kamal sohe
    Mand hansat karunamayi
    Tribhuvan mann mohe
    Jai Santoshi Mata
    Svarna simhasan baithi
    Chavar dhure pyare
    Dhup deep madhu meva
    Bhog Dhare nyare
    Jai Santoshi Mata
    Gud aru chana param priya
    Tame santosh kiyo
    Santoshi kahalai
    Bhaktan vaibhav diyo
    Jai Santoshi Mata
    Shukravar priy manat aaj divas sohi
    Bhakt mandali chhai, katha sunat mohi
    Jai Santoshi Mata
    Mandir jagamag jyoti
    Mangal dhvani chai
    Vinay kare ham baalak
    Charanan sir nai
    Jai Santoshi Mata
    Bhakti bhavamay puja
    Angikrut kijai
    Jo mann base humare, ichha fal dijai
    Jai Santoshi Mata
    Dukhi daridri rogi sankata mukt kie
    Bahu dhan dhany bhare, ghar sukh saubhagy diye
    Jai Santoshi Mata
    Dhyan dharyo jis jan ne
    Manavanchhit fal payo
    Puja katha shravan kar
    Ghar anand ayo
    Jai Santoshi Mata
    Sharan gahe ki lajja, rakhiyo jagadambe
    Sankat tu hi nivare, dayamayi ambe
    Jai Santoshi Mata
    Santoshi ma ki aarti, jo koi nar gaave
    Riddhi siddhi sukh sampati jee bharakar pave
    Jai Santoshi Mata
  • Hudba

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